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Fuljhadi


...गलबहियांअङ्गम सङ्गमफुल झड़ी

हार जीततेरी मेरीआओ ढूंढेमिटटी के ढेर मेंबाँट ले आधा आधा

उसके आसूंउसकी रूश्वाईऔर मनाईभारी हैं कन्धों परचली गयीछोड़ सड़क परसन्नाटे में

चौराहे परखड़े अनाथ हममोरे पर धूपमांगे अब जबाब

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