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नेता


महंगाई, बेकारी, गद्दारी, भ्रष्टाचारी, ये बेरोजगारी का मैं क्या करूं?मैं नेता हूं, झूठे वादे नहीं करूं तो क्या करूं?

— नीरज़ सोरखी
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