... याद तो आते हो मगर कहें कैसेदर्मियाँ दूरियों की खाई भरे कैसेबात ज़माने की होती तो भी कुछ थाहालत ए दिल अपना तुमसे कहें कैसेबड़ा उलझाती है ये अजनबी चाहतलगना चाहे भी तो सीने से लगे कैसे
... याद तो आते हो मगर कहें कैसेदर्मियाँ दूरियों की खाई भरे कैसे
बात ज़माने की होती तो भी कुछ थाहालत ए दिल अपना तुमसे कहें कैसे
बड़ा उलझाती है ये अजनबी चाहतलगना चाहे भी तो सीने से लगे कैसे