रोज़ मारना नसीब थोड़ी हैज़िन्दगी है सलीब थोड़ी हैकैसे मंज़िल दिखाऊ मैं तुमकोदूर है वो क़रीब थोड़ी है
रोज़ मारना नसीब थोड़ी हैज़िन्दगी है सलीब थोड़ी है
कैसे मंज़िल दिखाऊ मैं तुमकोदूर है वो क़रीब थोड़ी है