कौन समझेगा...???
क्या है रिश्ता हमारा....
कुछ ना हो कर भी...
बहुत कुछ है हमारा....

ना जन्मों का बंधन..
ना उम्मीदो का दामन...
ना पाने की चाहत..
ना बिछड़ने का ग़म...

कुछ तो है..
जो हमें खींचते है दोबारा..
यूं ख्यालों में रहता है..
तुम्हारा आना -जाना...

दुनिया के नजरों से परे..
बेनाम सा रिश्ता है हमारा...❤️