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रिश्ते


आसान नहीं हैमुझे समझ पानामैं बहुत उलझी हुई हूंउन रिश्तो में जो मेरे कभी अपने थे ही नहींमुझे समझने के लिए मेरे लफ्जों को नहींमेरे जज्बातों को पढ़ना होगामेरे चेहरे को नहीं मेरी आंखों को पढ़ना होगा

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