तू प्रेम है, मधुमास है
आनन्द है ,विश्वास है
तुझमें बसे सब राग है
अनुराग है, अंदाज़ है
तू बरसे जो मुझ पर झूम कर
मेरा रूप मधुवन सा खिले
मिल कर तेरी मुस्कान से
मेरी ज़िन्दगी मुझसे मिले
तू सरस भी है अल्फ़ाज़ भी
तू सावन की बौछार भी
तू प्रेम की सामर्थ्य है
तुझसे ही जिन्दगी का अर्थ है
तू खिला है मन मस्तिष्क में
तेरे ख्याल भर से महक है
तू है तो पूरक हूं मैं
जो नहीं है तो बनवास है।
