स्त्री का प्रेम अक्सर आईने में बनी परछाई की तरह होता है, तुम जितना करीब आओगे,वो उतना करीब आएगी,तुम कोशिशें करोगे वो भी कोशिशें करेगी,तुम पीछे हटोगेवो धुँधली होती जाएगी।