महिलाओं के
खुले बाल बताते हैं
कि वो भी
ऐसे ही खुली हवा में
जीना चाहती हैं।
लहराना चाहती है
बालों से आती
खुशबू की तरह ही
उनके के तन से
एक भीनी सी
खुशबू आती है
बालों की चमक सी
उसके गालों पर भी
चमक होती है।
हर स्त्री के
बालों के रंगों की तरह ही
उनका का स्वभाव भी
अलग होता है।
विवाह से पहले दो चोटी
विवाह के बाद
एक चोटी हो जाना
और अपनी सारी जिंदगी
के अरमानों को
जूडे में कस कर
जूडे में फिर
बाध कर रखती है!
?
