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हासिल


हासिल तू मुझे पहले भी नहीं था,खोया मैंने तुझे आज भी नहीं।

फ़र्क़ बस इतना है कि तब तेरा इंतज़ार था,और अब तुझे पाने की आस भी नहीं...

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