अजीब सा रिश्ता है
हम दोनों के बीच
ना देखा ना मुलाकात हुई
फिर भी तड़प बरकरार है
पा लेने की बेचैनी से ज्यादा
खो देने का डर
यूं लग रहा है सब बिखर जाएगा
समेटने से पहले..!!


अजीब सा रिश्ता है
हम दोनों के बीच
ना देखा ना मुलाकात हुई
फिर भी तड़प बरकरार है
पा लेने की बेचैनी से ज्यादा
खो देने का डर
यूं लग रहा है सब बिखर जाएगा
समेटने से पहले..!!