तुमसे न जिन्दगी का साथ दिया जायेगा सच बोलते हो, तुम्हें मार दिया जायेगा। बहुत तिजारती हो गया शहर का खुदा पाँच लिया जायेगा जो चार दिया  जायेगा। महज वादों पे रहनुमाई चलती है यहाँ महज़ बहाना यहाँ हजार दिया जायेगा। मिलजुल कर रहते हैं लोग यहाँ के बहुत जल्द ही इन्हें बाँट दिया जायेगा। मुहब्बत ही उगती है यहाँ की जमीं पे अब यहाँ नफरत का खाद दिया जायेगा। कम ही डोर बचे हैं दिलों को जोड़ने के उनको भी अब यहाँ काट दिया जायेगा। मैं ही मैं हूँ ये भी साबित करना होगा मुझे मुझको इस बात का आधार दिया जायेगा। ऑक्सिजन पर भी अब इक टैक्स लगेगा जिन्दा रहने को मुझपे भार दिया जायेगा। तख्त की खुदाई को ललकारा है तुमने तुम्हें अब कांटों इक का हार दिया जायेगा। देशप्रेम है लेकिन जिन्दाबाद नहीं करते गद्दार हो ये ताना बार बार दिया जायेगा। मुद्दे पे रहते हो , बिगड़ गए हो बहुत झूठ सिखाकर तुम्हें सुधार दिया जायेगा।