तुम कोई गुमान थोड़े ही हो तुम महज़ अरमान थोड़े ही हो। क्यूँ करूँ भला खुद को खर्च मैं तुम कोई सामान थोड़े ही हो। काट सकता हूँ बात तुम्हारी तुम कोई कुरान थोड़े ही हो। यादों में तुम दफन नहीं करना तुम इक कब्रिस्तान थोड़े ही हो। क्यूँ हो मुझे उड़ने की ख्वाहिश तुम कोई आसमान थोड़े ही हो। तुमसे दूर भी जा सकता हूँ मैं तुम कोई फरमान थोड़े ही हो। दिल पे आ कर जो बैठ गए हो तुम कोई दरबान थोड़े ही हो। क्यूँ है चेहरे पे हँसी का नकाब तुम कोई दुकान थोड़े ही हो। कभी तीखी नमकीन भी लगो तुम कोई पकवान थोड़े ही हो। देखकर तुम्हें सर क्यूँ झुके तुम कोई अजान थोड़े ही हो। आये हो तो अब न जाना तुम तुम कोई मेहमान थोड़े ही हो।