प्यार पहला ,दूसरा या तीसरा नहीं होता प्यारे ,रूह का कभी कोई चेहरा नहीं होता। आनेवाली नरम धूप की दस्तक ही तो है सुबह के दरवाजे पे यूँ ही कोहरा नहीं होता। प्यादा है वो लेकिन गैरत जेवर है उसका मर जाता है फिर भी इक मोहरा नहीं होता।