पेड़ कटते हैं छिलते हैं बनते हैं कागज ! अखबार बन जब पहुँचते हैं घर मैं हैरान होता हूं देख कुछ विज्ञापनों को ! पेड़ बचाओ लिखा होता है हरे रंग में ! जैसे मार कर मुझे मेरी खाल पे खून से मेरे लिखा हो बचाओ इसे!