क्यूँ हुआ आज़ाद देश, कहते गांधी
यूँ न करो बर्बाद देश, कहते गांधी।
जनता का जनता के लिए जब होगा
तब होगा आबाद देश, कहते गांधी।
दीमक कितने ही चाट रहे हैं इसको
रह जाए न याद देश कहते गांधी।
मुर्दाबाद के नारें इतने सुन कर भी
जिंदाबाद जिंदाबाद देश कहते गांधी।


