किस्मत रंग लाएगी फूटने के बाद याद मेरी आएगी , भूलने के बाद। दिल लगा तू , इस तरह लेकिन जुड़ भी जाए यह टूटने के बाद। उनकी इस अदा का क्या नाम दें माँगने आए हैं,मुझे लूटने के बाद। कैद मिले तो मुझे ऐसी मिले मौला अफसोस हो जाए छूटने के बाद। बेवज़ह सी हो गयी हैं आँखें मेरी देख पाता हूँ इन्हें मूँदने के बाद। समंदर नहीं झील थीं तेरी आँखें पता चला उनमें कूदने के बाद। जो तेरे साथ था,मेरा ही रकीब था बताया तूने मगर पूछने के बाद। इक बच्चा ही तो है ये दिल मेरा मान जाएगा मगर रूठने के बाद। ये मुसलसल इंकार क्यूँ था तेरा पूछूँगा तुझसे तुम्हें चूमने के बाद।