कभी बन पानी चीनी सा घोल लेना मुझको
कभी रेत बन पानी सा सोख लेना मुझको।
इरादा तो नहीं जाने का,अना भी है लेकिन
मैं उठूंगा जब भी तुम रोक लेना मुझको।
जब भी लगे जिंदगी में खुशबू घट गयी
अपने जूड़े में गुलाब सा जोड़ लेना मुझको।
क्यूँ ख्याल बनाओ तुम मुझे बिना जाने
बंद लिफाफे का खत हूँ,खोल लेना मुझको।