जब भी नज़र उठाता है पानी में आग मिलाता है। कितना अजीब माली है पत्थर पे फूल खिलाता है। अजायबघर ले जा कर वहाँ इंसान दिखाता है। झुक जाता है थोड़ा सा रिश्तों को यूँ निभाता है। राम रहीम दोनों का वो बस कबीरी सिखाता है।