हर रोज मैं खुद को पढ़ता हूँ's image
716K

हर रोज मैं खुद को पढ़ता हूँ

मेहनत उतनी ही करता हूँ मैं पेट से जितना डरता हूँ। इक लम्हा जीने की खातिर कतरा कतरा मैं मरता हूँ। चेहरे पे तेरे लिख लिख कर हर रोज मैं खुद को पढ़ता हूँ। ख़्वाहिशों का इक पर्वत सा है नज
Read More! Earn More! Learn More!