
बातें करते हो मगर आँखों से नहीं,ये बात गलत है
यारी फ़कत फूलों से काँटों से नहीं,ये बात गलत है।
पुल बन गया तो लाज़िम है सरपट निकल जाआगे
मगर बात करते मल्लाहों से नहीं,ये बात गलत है।
तुम आए और मिले रेस्तराँ में नुक्कड़ पे नहीं
जो तुम मिलते अब यादों से नहीं,ये बात गलत है
Read More! Earn More! Learn More!
