आज मुश्किल सी इक बात हो गयी
आज खुद से फिर मुलाकात हो गयी।
मौसम का मिज़ाज है या जिंदगी का
भरी दुपहरी में आज रात हो गयी।
हो गए बिल्कुल उल्टे मुफलिसी में
रिश्तों में ऐसी भी करामात हो गयी।
इक दाँव हार कर इक दिल जीता
फिर क्या गिला जो मात हो गयी।
तुल जाती है ये जेब की वजन से
कौड़ी के भाव सी जज़्बात हो गयी।
मरने वाला साबित हुआ मारने वाला
शहर में ऐसी भी वारदात हो गयी।