दिल की दर-ओ-दीवार पर अपनी मौजूदगी की इबारत उस शिद्दत से तराशी है मैंने कि,

जब तक दिल की दीवारें आबाद है तुम उसे मिटा नहीं पाओगे....

निकुंज