अपने आँसुओं को अब पोंछ चुकी हूँ।
शायद तुमको भूल चुकी हूँ?
बस एक गुज़ारिश है तुमसे कि अब लौट के मत आना।
तुमको माफ करते करते और खुद से झूठ बोलते बोलते अब मैं थक चुकी हूँ।
-सुवि


अपने आँसुओं को अब पोंछ चुकी हूँ।
शायद तुमको भूल चुकी हूँ?
बस एक गुज़ारिश है तुमसे कि अब लौट के मत आना।
तुमको माफ करते करते और खुद से झूठ बोलते बोलते अब मैं थक चुकी हूँ।
-सुवि