कभी सवारती हैं,कभी बिगाड़ हैं।एक दोस्ती तो हैं।यारो इंसान को ,काबिल या नाक़ाबिल,बनाती है।2/8/2020दोपहर 2:30
कभी सवारती हैं,कभी बिगाड़ हैं।एक दोस्ती तो हैं।यारो इंसान को ,काबिल या नाक़ाबिल,बनाती है।
2/8/2020दोपहर 2:30