"मैं पल दो पल का शायर हूँ, पल दो पल मेरी कहानी है
पल दो पल मेरी हस्ती है, पल दो पल मेरी जवानी है"
1976 में आया ये गाना हर एक शायर की ज़िन्दग को बखूबी दर्शाता है, दर्शाये भी क्यों ना, इसे लिखने वाला ना सिर्फ एक गीतकार था बल्कि वो एक नामी कवि और शायर भी था। साहिर लुधियानवी, एक ऐसा नाम, जिसने ना जाने कितने ऐसे नज़रानेबॉलीवुड के सामने गानों के तौर पर पेश किये जिन्हें सुनने वालों ने बहुत प्यार दिया और वे गाने अमर हो गए। ऊपर लिखी गाने की पंक्तियाँ साहिर की एक कविता की है जिन्हें फिल्म ''कभी-कभी'' में एक गाने में इस्तेमाल किया गया, इसी फिल्म का एक गाना ''कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है'', भी साहिर की ही रचना है जिसके लिए साहिर को सर्वश्रेष्ठ गीतकार के तौर पर फिल्मफेयर अवार्ड से नवाज़ गया।
ज़माना कितना भी आगे क्यों ना बढ़ जाए, पर कुछ चीज़ें ऐसी होती है जो हमें पुराने वक़्त की ख़ूबसूरती में वापस ले जाती है और ऐसा ही कुछ करते हैं पुराने गानें, जिनमें ना सिर्फ़ शब्द होते हैं बल्कि एक एहसास होता है जो हमें शब्दों की गहराई में ले जाकर उनमें खोने पर मजबूर कर देता है।
साहिर ने अपना फ़िल्मीकरियर सन 1949 में शुरू किया जिसके बाद बॉलीवुड गानों को हिट करवाने में साहिर ने काफी बढ़िय भूमिका निभाई।
साहिर मोहब्बत से लेकर हर तरह की सामाजिक परेशानियों, जिंदगी जीने के ढंग और उस समय में मौजूद हर चीज़के बारे में लिखते थे जिसे बॉलीवुड ने गानों के तौर पर अपनाया और कुछ नग्में इतने हिट हुए की वो लोगों की ज़ुबा पर चढ़गए।
मोहब्बत, आशिकी, प्यार, इसके जितने नाम है, उतने ही इसके पड़ा है, और वो ऐसे पड़ावजिन्हें हर कोई कभी-कभी ना कभी अपनी ज़िन्दग में महसूस करता ही करता है। मोहब्बत से जुड़ीहर एक हरकत को साहिर के गानों में देखा जा सकता है। भले से वो हमसफ़ को पाने की चाह हो, उसकी तारीफ़हो या प्यार ना मुकम्मल हो पाने का दर्द। साहिर ने इन एहसासों को बड़ तरीके से लिखा जो कई साल पुरानी मोहब्बत से लेकर आज तक की मोहब्बत पर सटीक बैठता है।
मोहब्बत से जुड़ेये साहिर के लिखे कुछ नग्में हैं जो आज भी लोगों द्वारा उतने ही सुने जाते हैं, जितने पुराने वक़् में सुने जाते थे -
- चलो इक बार फिर से अजनबी बन जाए हम दोनों
- तुम अगर साथ देने का वादा करो
- जाने वो कैसे लोग थे जिनके प्यार को प्यार मिला
- अभी न जाओ छोड़करकि दिल अभी भरा नहीं
- कभी कभी मेरे दिल में ये ख्याल आता है
- ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं
- मेरे दिल में आज क्या है
- तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई
- तुम मुझे भूल भी जाओ
- मांग के साथ तुम्हारा
- तेरे चेहरे से नज़ नहीं हटती
- तुमसा नहीं देखा
- ऐ मेरी मेरी ज़ोहराजबीं
- उड़ेंज-जब ज़ुल्फ़ेतेरी
- तुम अगर साथ देने का वादा करो
मोहब्बत के अलावा भी साहिर के कुछ ऐसे हिट गाने हैं जो ज़िन्दगीसे जुडे ख़ुश और गम, ज़िन्दगीको जीने का सही ढंग भी साहिर के लिखे गानों ने बखूबी बताया जिसे आजतक लोग अपनाते चले आ रहे हैं -
- मैं ज़िन्दग का साथ निभाता चला गया
- तदबीर से बिगड़ीहुई तकदीर बना ले
- सर जो तेरा चकराए
- कभी खुद पे कभी हालात पे रोना आया
- देखा है ज़िन्दग को कुछ इतने करीब से
- संसार से भागे फिरते हो, भगवान को तुम क्या पाओगे
साहिर ने देश-प्रेम के लिए भी कुछ नज़रानेलिखे ,साथ ही ऊपर वाले की शक्ति को ज़ाहि करते कुछ गाने भी बहुत हिट हुए, जो लगभग हर किसी ने सुने और उन्हें बेइंतेहा प्यार मिला -
- जिन्हे नाज़है हिन्द पर वो कहाँ है?
- तू हिन्दू बनेगा ना मुसलमान बनेगा
- आन मिलो श्याम सांवरे
- प्रभु तेरो नाम
- तेरी है ज़मी तेरा आसमां
- ये देश है वीर जवानों का
एक लड़कीसे लेकर एक औरत तक के सफर में महसूस होने वाली हर एक बात को साहिर ने अपनी कविताओं में काफी बेबाक अंदाज में पेश किया, जिसे बॉलीवुड ने भी गानों के तौर पर स्वीकारा -
- लागा चुनरी में दाग
- मेरे घर आई एक नन्ही परी
- बाबुल की दुआएं लेती जा
साहिर के लिखे ये कुछ गाने ऐसे हैं जो सिर्फ कुछ शब्दों की बुनियाद पर नहीं बल्कि हक़ीक़और एहसास से बनी नींव की बेहतरीन इमारत हैं। ये वो गाने हैं जो किसी को कभी ज़िन्दगीमें हताश नहीं होने देते बल्कि लोगों की पसंद बनकर उन्हें ज़िन्दग जीने का सलीका सिखा जाते हैं!


