~ ख़्वाब का मैंने असर देखा है, बहते दरिया में शजर देखा है ! --- इश्क़ के चश्म से गिरते मैंने,, हुस्न को एक नज़र देखा है !!! --- ज़ीस्त तेरे रफ़ाक़त के वसीले हमने,, आजजी का भी हुनर सीखा है !!! --- वज्द में सजदे किये हैं जिसने,, तुझको पाने का जिगर देखा है !!! --- दो दुआएं यूँ सब रक़ीबों को ,, सब्र का तुमने असर देखा है !!! --- हो गए दरिया में मुदफन कितने,, ज़ुल्म का सबने क़हर देखा है !!!