कभी चेहरा नही दिखता अपनी परछाई में,

तमाम सफर घसीटे गये गैरों की लड़ाई में !


ये वक़्त तय करेगा कि कौन आएगा पहले,

मौत और ज़िन्दगी की पकड़म-पकड़ाई में !


नेश 'शायर'