'क' से कविता लिखूं या 'क' से क़िस्सा या कहानी, तू ही बता ये ज़िन्दगी, तुझे मैं किस मे बंया करू । 'क' से कविता मे बांधा तो, कम शब्दों में बात गहरा जायेग़ी। 'क' से किस्सा बना तो बातों का एक ज़ायक़ा आयेगा । -नेहा दुबे