बंज होते अहसास अच्छाई की सूखती मिट्टी बिन प्यार के पीले होते रिस्तों के पेड़ कुछ लोग इसे संवेदनाओं का अकाल भी कहते है ठीक से तो नहीं पता पर,किसी भी इंसान के वज़ूद की ये आपातकाल की स्थिती है ।