तुम कहते हो यहाँ ले जाओगे ,
वहाँ ले जाओगे,
हमें बनारस ले जाओगे क्या?
वहाँ दर्शन करने महादेव के, 
गंगा किनारे आरती देखनी है दिखाओगें ?
हमसे हर दफ़ा 'कामना' पूछी है,
ऋषिकेश पर गंगा किनारे महादेव संग दो पल बिताओगे क्या?
कुछ प्रेम के प्रतीक की बात करते हो,
तुम 'ताज़' नहीं पर "रामसरोवर" दिखाओगे क्या ?
हमसे 'प्रेम' करते हो , 
ये हर बार कहा है तुमने,
'वृदांवन ' ले जा 'कान्हा' के दर पर ये कह पाओगे क्या?
वादे बहुत दुनिया करती है वफ़ा की,
हम सीता माँ की छाँव में उनसा बनने की कोशिश करेंगे,
पर क्या अयोद्धया ले जा राम जी के पथ पर चल पाओगे क्या?
प्रेम शरीर से सब किया करते है,
तुम सीरत से कर पाओगे क्या?
कहते है इश्क दोतरफा होता है
हम तुमसे और तुम्हारे परिवार से करेंगे
तुम यही दोनों परिवारों से कर पाओगे क्या?
तुमने "कामना" की इक सूची माँगी थी
इन्हें पूरा कर पाओंगे क्या ?

~ ऋत्वी