मायावी संसार मे क्यो ढूंढता है सत्य की परीकाष्ठता,
यहां हर जीव काया मे झूठ,
हृदय रूपी इश्वर मे सत्य बसा,
मत कुंठित कर अपनी
निर्मल सोच को,
देख आडम्बर
दुनिया का रचा बसा,
ध्यान बस कर उस लक्ष्य का,
जिसके लिए इश्वर ने
तुझे यह जीवन सौंपा।
नेहा माथुर

