आसमान से बड़े दिनों बाद कोई फोटो खींचता है और मैं मुस्कुरा देती हूँ फिर कोई बाला अपने भीगे काले आँचल को निचोड़ती है और मैं उसमें ज़रा नहा लेती हूँ जुगनुओं की भीड़ डायोड बन चमचमाने लगती है डिस्को का माहौल हो तो मैं भी झूम लेती हूँ लहरों की सीढ़ियाँ चढ़ने में मज़ा आता है लहरों के संग नाव में, मैं भी घूम लेती हूँ सामने वाले बरगद के पत्ते जब भी पंखे की तरह घूमते हैं मैं बालों को सुखा लेती हूँ बरसात में जमी काई जब किसी को अचानक गिरा दे तो हँसी को दबा लेती हूँ मखमली गलीचे का सुन्दर बिस्तर सजा हो तो बिना देर किए सो जाती हूँ यूँही सोते हुए, जिस मिट्टी से जन्मी हूँ उसी मिट्टी में खुद को मिलाती हूँ