प्रभु देख रहे हैं
नींद में डूबे अपने बच्चों को
और सुख पा रहे हैं
कुछ ऐसे भी हैं मगर
जो दु:ख –विषाद में
घिरे जा रहे हैं
जो करवटों में ही
रात काटते हैं सारी
और सो नहीं पा रहे हैं
सोते हुए अपने बच्चों को
सूकून में देख प्रभु सूकून पाते हैं
मगर तड़प कर रह जाते हैं
उन बच्चों को देख
जो सो नहीं पाते हैं
और प्रभु अलट-पलट के रह जाते हैं