अब हम कविता-ग़ज़ल-कहानी नहीं पढ़ते
चैट या मैसेज़ेस पढ़ लिया करते हैं
अब हम बुआओं से नुस्खे नहीं मांगते
किसी वीडियो से गढ़ लिया करते हैं
अब हम पड़ोसियों से किताबें नहीं मांगते
बस डाऊनलोड कर लिया करते हैं।
माओं से भूख की दरकार नहीं करते
ज़हरीले रेस्तराओं से पेट भर लिया करते हैं
दादी-नानियों से किस्से नहीं सुनते
कोई ऑडियो सुन लिया करते हैं
अब खेल के लिए साथी नहीं चाहिए
वीडियो गेम कोई चुन लिया करते हैं
अब तो भगवान की भी ज़रूरत नहीं
ऑनलाइन शॉप से इच्छापूर्ति किया करते हैं
जीने को तो ऑनलाइन जीते ही हैं
मरने पे किसी के, सोशली रो लिया करते हैं