तू गज़ब तेरा नाम गज़ब
आंखों का नशीला जाम गज़ब
जो बीती संग तेरे थी, वो दोपहर वो हर शाम गज़ब
तू जितनी खास है मेरे लिए, मेरा उतना होना आम गज़ब
जो छुप छुप के मैं कहता हूं, तेरा कहना सरेआम गज़ब
मैं इसलिए गलती करता हूं, तेरा मुझपे हर इल्ज़ाम गज़ब
तेरे नाम से जो हो जाऊं, बादनाम तो बादनाम गज़ब
तू जितनी खास है खुद में ही, तेरी उतनी बातें आम गज़ब
तू चाहे गलती करती हो, गलती का हर अंजाम गज़ब
मेरे दिल पे किया तेरा, नक्काशी का वो काम गज़ब
जो बिन लिखे तूने दिया, वो नज़रो का पैगाम गज़ब
है तू गज़ब तेरा नाम गज़ब
आंखों का नशीला जाम गज़ब !!


