आक्रोश में सेनानी
शहीद हुए सेनानी खा दुश्मन की गोली छाती में, ना जाने कितने और शव गिरेंगे इस स्वर्ग सी घाटी में,
मंत्री जी अब तुम ही बतलाओ बात चार पंक्तियों में,कब जाओगे लेने बदला इस स्वर्ग सी घाटी में,
छेड़ोगे जब संग्राम शत्रु से डर बैठेगा देसी गद्दारों में, रक्त रंजित सी पडी आहिसां इस स्वर्ग सी घाटी में,
जब तक गोली पे गोली ना घुसेगे उस शत्रु की छाती में, कहां शांति मिलेगी इन सबको इस स्वर्ग सी घाटी में,
जवान वहां तैयार खडे दिखाने कौशल वो रण में, आज्ञा अब शौर्य दिखाने की दे दो इस स्वर्ग सी घाटी में,
खून दुश्मन का पीना होगा भर के उनके खप्पर में,हर फौजी सिंह दुर्गा का दिखेगा इस स्वर्ग सी घाटी में,
रिपुदमन सा घुसना होगा निश्चय कर रिपु के दल में,जय घोष भारत का तुम्हें सुनेगा इस स्वर्ग सी घाटी में,
(नीरज शर्मा-9211017509)



