"मै लेखक हु;मै लिखता हु"


मै लेखक हू

मै लिखता हू

मै शेर लिखता हू

मै कविताएँ लिखता हू

मै कहानी लिखता हू,

मै रकीब की पूरी जवानी लिखता हू...


मै तंज कसता हू

मै हर एक सौंदर्य में बसता हू;

मैं टूटे हुए ख्वाब लिखता हू

मै अधूरे से जवाब लिखता हू

मै लेखक हू

मै लेख लिखता हू...


मै पन्नो पर बिकने को नही,

समाज को दिखने को लिखता हू

अक्सर हाथों से नही जज्बातों से लिखता हू

मै जुमले गाता हू

मै गजले फिरोता हू

मै नज्मे भी सजाता हू

मैं स्वंय लिख एक समा फिरोता हू

मै लेखक हू मै लेख लिखता हू...


मैं प्रसिद्ध हूँ इसलिए लेखक नही हूँ

मैं लिखता हूँ इसीलिए लेखक हूँ



-NEERAJ JHA