बहोत करीब आ चुकी है,वो मेरे
हमारी साँसे भी अब उलझ रही है
लम्हा ये कामिल है
बदस्तूर ऐ एहसास ये अनोखा*
-NEERAJ JHA
*the moment of first kiss...


बहोत करीब आ चुकी है,वो मेरे
हमारी साँसे भी अब उलझ रही है
लम्हा ये कामिल है
बदस्तूर ऐ एहसास ये अनोखा*
-NEERAJ JHA
*the moment of first kiss...