अमीक तिलिस्म है उसका देखना;नगिने से क़ीमती आँखो की मुलाक़ात...छाया रहता है कोई साज़ सा मुझपे;बहोत अज़ीब सी है ये बात!
अमीक तिलिस्म है उसका देखना;नगिने से क़ीमती आँखो की मुलाक़ात...
छाया रहता है कोई साज़ सा मुझपे;बहोत अज़ीब सी है ये बात!