जख्म देकर मुझे मुस्कुराने लगे
बेवफा प्यार को आजमाने लगे
प्यार की बात मुझसे किए भी नहीं
बस खताएं ही मेरी गिनाने लगे
प्यार का छा गया है यहाँ तो नशा
चाँदनी रात में सुर लगाने लगे
प्यार में टूटकर फिर बिखर यूँ गए
आप दौलत यहाँ क्यूँ लुटाने लगे
आप तो जीस्त से हो गए थे विदा
आज फिर क्यूँ मुझे याद आने लगे