आ गए तुम सजा जिंदगी है बहुत खुशनुमा जिंदगी   रात भर मैं जगा रह गया मौत से मत डरा जिंदगी   बढ़ गया दर्द अब क्या करें हो गई क्या खता जिंदगी   प्यार तुझसे किया हर जनम यूँ न बन बेवफा जिंदगी   अश्क बहता रहा रात भर अब न मुझको सता जिंदगी