मानव बता।
अपनी ख़ता।
क्या-क्या किया?
कैसे जिया?
मतिभ्रष्ट हो।
पथभ्रष्ट हो।
ऐसा किया,
मृत सम जिया।
जाता किधर?
अब तो सुधर।
छोड़ो कुपथ।
ले लो शपथ।
अब हो निडर।
सत्कर्म कर।
जग को हँसा।
खिल पुष्प सा।
अब मत रुला।
मुस्कान ला।
पथ जान लो।
पहचान लो।
पग बढ़ गया।
जीवन नया।
#नीलू_चौधरी
