पड़ोसी मुल्क अब सुधरो मजा तुमको चखा देंगे वतन तेरी हिफाजत में दिलों जां तक लुटा देंगे   मरे जो गोलियां खाकर किसी का लाल भी है वह भला उसकी शहादत को यहाँ कैसे भुला देंगे   चलाना बंद कर दो गोलियां यूँ सरहदों पे तुम नहीं तो सरहदों की ओर अब तकना भुला देंगे   जहाँ में खुल चुका है राज जो तेरा खुदा की कसम तुमको धूल हम चटा देंगे   नरम दिल हैं मगर कायर न समझो तुम इरादे नेक कर लो तो खता तेरी भुला देंगे