
मैं नारी हूँ
धरित्री को जीवंत रखने में
मेरा ही योगदान है।
मैं स्वतंत्र हूँ,पर मुझे अपनी
मर्यादा का पूरा भान है।
मेरे कार्यक्षेत्र विस्तृत हैं
पर मैं अहंकारी नहीं हूँ।
तुम्हारे बनाए 'मकान' को
मैं ही 'घर' बनाती हूँ।
मैं शिक्षा पाती हूँ,ताकि
संतान के रूप में
तुम्हें शिक्षा दे सकूँ।
मैं गा
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