आपके सब गम हमारे हो गए
आप क्यूँ हमसे किनारे हो गए
पेड़ से सब हो गए पत्ते अलग
पेड़ भी कितने बेचारे हो गए
आप को सब छोड़कर अपने गए
आप तो मेरे सहारे हो गए
याद आएँगे सदा ही वो हमें
आसमां के वो सितारे हो गए
चाँद तारों से जड़े हैं रात यूँ
खूबसूरत ये नज़ारे हो गए