नज़ारे हैं दिलकश ठहर देख लेना,

रुको तुम अगर रात भर देख लेना।


हैं कहते रहे इश्क़ करना बुरा है,

करो इश्क़ फिर तुम,असर देख लेना।


समझदार हो तुम,न करना भरोसा,

ज़माने की शातिर नज़र देख लेना।


किए की सजा अब तो देगा ख़ुदा ही,

न मानो अभी तुम,क़हर देख लेना।


करो दोस्ती हम बुरे तो नहीं हैं,

हमें आज़मा उम्र भर देख लेना।


दवा का असर कुछ भी दिखता नहीं है,

करो तुम दुआ फिर असर देख लेना।


कहानी तुम्हारी है सबकी जुबां पे,

सवेरे उठोगे,ख़बर देख लेना।


बड़े आदमी बन न नज़रें फिराओ

अना भूल अपनी इधर देख लेना।


चकाचौंध में तुम कहीं खो गए हो,

कि आना कभी गाँव घर देख लेना।


~नीलू चौधरी