
नज़ारे हैं दिलकश ठहर देख लेना,
रुको तुम अगर रात भर देख लेना।
हैं कहते रहे इश्क़ करना बुरा है,
करो इश्क़ फिर तुम,असर देख लेना।
समझदार हो तुम,न करना भरोसा,
ज़माने की शातिर नज़र देख लेना।
किए की सजा अब तो देगा ख़ुदा ही,
न मानो अभी तुम,क़हर देख लेना।
करो दोस्ती हम बुरे तो नहीं हैं,
हमें आज़
Read More! Earn More! Learn More!
