नजर भर प्यार कर लेना कभी इकरार कर लेना   सहारा दो नहीं मुझको मुझे स्वीकार कर लेना   मना लेना कभी रूठूँ तुम्हीं मनुहार कर लेना   तुम्हारे घर कभी आऊँ जरा सत्कार कर लेना   मुझे अपना समझकर तुम नहीं अधिकार कर लेना   मिलूँगी चाँद पर जब मैं कि नजरें चार कर लेना