
एक अकेली औरत
कुछ परेशान सी है,कुछ हैरान सी है, घर में जग जाती है, सबके जगने से पहले, लग जाती है रोज के ही कामों में कमर दर्द झेलती... घर की परिधि में घूमती,भागती, कामों को निपटाती नजर आती। पल भर देखती घड़ी की सुइयां बढ़ा देती हाथों की गति। एक ओर खड़ी होती सारे कामों को निपटा... फिरRead More! Earn More! Learn More!
