बातें बस दो-चार हुई है,
क्यूँ फिर से तकरार हुई है।
रिश्ते टूटे हैं दोनों के,
कसमें सब बेकार हुई है।
लापरवाही करते करते,
माँ मेरी बीमार हुई है।
अब तक अव्वल आने वाली,
बेटी क्यूँ लाचार हुई है।
मूर्ख बनी है जनता अब तक,
झूठी सब सरकार हुई है।
#नीलू_चौधरी


बातें बस दो-चार हुई है,
क्यूँ फिर से तकरार हुई है।
रिश्ते टूटे हैं दोनों के,
कसमें सब बेकार हुई है।
लापरवाही करते करते,
माँ मेरी बीमार हुई है।
अब तक अव्वल आने वाली,
बेटी क्यूँ लाचार हुई है।
मूर्ख बनी है जनता अब तक,
झूठी सब सरकार हुई है।
#नीलू_चौधरी